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हेडलाइन: NEET छात्रा रेप-मौत मामला: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को फिलहाल नहीं मिली राहत, अदालत ने CBI से पूछे तीखे सवाल
- Reporter 12
- 11 Mar, 2026
NEET छात्रा से दुष्कर्म और संदिग्ध मौत से जुड़े चर्चित मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल भवन के मालिक मनीष रंजन को बुधवार को भी अदालत से राहत नहीं मिल सकी। उनकी जमानत याचिका पर पॉक्सो कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय कर दी है। इस दौरान जांच एजेंसी की भूमिका और जांच की गति को लेकर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे। लगभग ढाई घंटे तक चली सुनवाई के दौरान CBI की ओर से जांच से संबंधित दस्तावेज और रिपोर्ट अदालत के समक्ष चार बंडलों में पेश किए गए, जिनका अदालत ने विस्तार से अवलोकन किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जांच की प्रगति को लेकर असंतोष जताते हुए एजेंसी से पूछा कि पिछले लगभग 20 दिनों के दौरान इस मामले में ठोस प्रगति क्यों नहीं दिखाई दी और एजेंसी इस अवधि में लगभग मूकदर्शक क्यों बनी रही। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि जब इस संवेदनशील मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी तब क्या एजेंसी को यह जानकारी नहीं थी कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत की ओर से यह भी कहा गया कि यदि जांच एजेंसी ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या लापरवाही के कारण मनीष रंजन 14 फरवरी से 11 मार्च तक गैरकानूनी तरीके से जेल में रहे। न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए यह भी पूछा कि यदि ऐसी स्थिति सामने आती है तो इस अवधि के लिए संभावित मुआवजे की जिम्मेदारी आखिर किस पर तय की जाएगी। अदालत ने CBI से इन सभी सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक जवाब देने को कहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह अगले चरण की सुनवाई के दौरान जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत करे। अब पूरे मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी, जहां अदालत जमानत याचिका पर निर्णय के साथ-साथ जांच की प्रगति और एजेंसी की भूमिका पर भी आगे विचार करेगी। इस बहुचर्चित मामले पर न्यायालय की कड़ी टिप्पणी के बाद एक बार फिर जांच प्रक्रिया और उसकी गति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज बनी हुई है।
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